à¤à¥‹à¤— में रोग का, उचà¥à¤š-कà¥à¤² में पतन का, धन में राजा का, मान में अपमान का, बल में शतà¥à¤°à¥ का, रूप में बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ का और शासà¥à¤¤à¥à¤° में विवाद का डर है। à¤à¤¯ रहित तो केवल वैरागà¥à¤¯ ही है।
- à¤à¤—वान महावीर